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कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लोगो को एहतियात और सावधानी बरतनी जरूरी । डीसी फरीदाबाद

उपायुक्त यशपाल ने कहा कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए जनता को जरूरी एहतियात बरतनी होगी यानी उन्हें सजगता से स्वच्छता की ओर बढ़ना है तथा स्वस्थ रहना है। यदि किसी व्यक्ति को खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ है तो यह कोरोना के लक्षण हो सकते हैं,

ऐसे व्यक्ति जरूरी सावधानी बरतें तथा सरकार द्वारा जारी हिदायतों की पालना करें। खांसते व छींकते समय रुमाल, कोहनी या टिशू पेपर से मुंह को ढंके तथा अपना चेहरा, नाक व मुंह छूने से बचें। अपने हाथों को 40 सेकंड तक साबुन व पानी या अल्कोहल युक्त सेनीटाइजर से बार-बार साफ करते रहें। घर या बाहर खाने-पीने की वस्तुएं, बर्तन, तौलिया, मोबाइल फोन इत्यादि अन्य सदस्यों के साथ सांझा न करें। दूसरे व्यक्ति से संपर्क करते समय कम से कम 2 गज की दूरी बनाकर रखें तथा घर से बाहर जाने पर मास्क या मुंह व नाक पर साफ कपड़े का प्रयोग अवश्य करें। भीड़-भाड़ वाली जगह जाने से बचें व प्रत्येक स्थान पर सामाजिक दूरी बनाकर रखें तथा सार्वजनिक स्थान पर न थूकें। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण हैं तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 0129 -2415623 या 8882916056 व 108 तथा जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 1950 पर अवश्य सूचना दें।


उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रत्येक मरीज को ट्रैस करने के लिए जिले को छोटे-छोटे एक हजार 327 भागों में बांटा गया है। प्रत्येक भाग में सरकार के 3 कर्मचारी लगाए गए हैं, जिनमें एक स्वास्थ्य कर्मी तथा दूसरा चुनाव कार्यालय से संबंधित है। इसमें वालिंटियर की भी मदद ली जा रही है। प्रत्येक पांच कमेटियों के ऊपर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के सभी उपमंडल अधिकारी (ना.), नगर निगम से संयुक्त आयुक्त व शहरी विकास प्राधिकरण से संपदा अधिकारी तथा फरीदाबाद, तिगांव व बल्लबगढ़ के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों की आठ जोनल कमेटियां बनाई गई तथा उन्हें इंसिडेंट कमांडर नियुक्त किया गया है। ये 8 इंसिडेंट कमांडर अपने नेतृत्व सभी कार्य करवाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण कार्य है कि लोकल स्तर पर लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए तथा प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नजर रखी जाए।

इसके लिए लोकल कमेटियों को विभिन्न जिम्मेवारियां दी गई हैं। शहर में लगभग 4.5 लाख घर हैं तथा प्रत्येक 10 घरों पर एक वालिंटियर या कर्मचारी की नजर रहेगी। इस कार्य में सहयोग के लिए निरंतर वालिंटियर अपना पंजीकरण करवा रहे हैं।

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