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छोटे बच्चे से दूर रहकर कुछ बनने का ठाना, लोगों के ताने भी झेले, फिर ऐसे ये महिला बनीं एसडीएम

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कुछ पाने के लिए अक्सर कुछ खोना पड़ता है। कभी – कभी तो सफलता पाने के लिए कुछ समय के लिए अपनों का साथ भी छोड़ दिया जाता है। ऐसी ही कहानी हम आपको आज बताएंगे यूपीपीसीएस एग्जाम 2019 में सफलता हासिल करके एसडीएम बनने वाली पूनम गौतम की। उनके लिए यह सफर काफी कठिन रहा क्योंकि उन्होंने यह तैयारी अपनी छोटी सी बच्ची से दूर रहकर की थी।

उन्होंने ठान लिया था कि कुछ भी हो जाये हार नहीं माननी है। खुद पर हरदम उन्होंने भरोसा किया। तमाम लोगों ने उन्हें इसके लिए ताने भी मारे थे और भला बुरा कहा था लेकिन उन्होंने उन सब लोगों को इग्नोर करके पढ़ाई पर फोकस किया और सफलता प्राप्त करके खुद को साबित कर दिया। उन्होंने 2019 यूपीपीसीएस परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल कर टॉपर्स की सूची में जगह बनाई।

छोटे बच्चे से दूर रहकर कुछ बनने का ठाना, लोगों के ताने भी झेले, फिर ऐसे ये महिला बनीं एसडीएम

अगर कुछ दिखाने का जज्बा होता है तो सबकुछ संभव हो जाता है। जब पूनम यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं, उस वक्त तमाम लोगों ने उनसे कहा कि वे यूपी बोर्ड से पढ़ी हुई हैं और उन्हें और सफलता मिलने में काफी दिक्कत होगी। ऐसे में उन्होंने निगेटिव लोगों से दूरी बनाई और बेहतर तैयारी के साथ यूपीपीसीएस का एग्जाम दिया। इस परीक्षा में उन्हें मन मुताबिक सफलता मिली और उनके संघर्षों का फल उन्हें मिल गया।

छोटे बच्चे से दूर रहकर कुछ बनने का ठाना, लोगों के ताने भी झेले, फिर ऐसे ये महिला बनीं एसडीएम

आपको कभी हार नहीं माननी चाहिए। यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिये सभी दम लगाकर मेहनत करते हैं। वह बताती हैं कि जब वे दिल्ली में तैयारी कर रही थीं तब अपनी बच्ची की याद करके खूब रोती थीं। हालांकि यह सब उन्होंने खुद और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए किया। पूनम का मानना है कि अगर आप इस परीक्षा को पास करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी रणनीति तैयार कर लें।

छोटे बच्चे से दूर रहकर कुछ बनने का ठाना, लोगों के ताने भी झेले, फिर ऐसे ये महिला बनीं एसडीएम

जब आप किसी दृढ़ मानसिकता के साथ कोई काम करते हैं तो उस काम को सफल होने में कोई रोक नहीं सकता। उनका मानना है कि प्री-परीक्षा में परीक्षा और इंटरव्यू तीनों की तैयारी अपने तरीके से करें और सेल्फ कॉन्फिडेंस हमेशा हाई रखें। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए आपका सेल्फ कॉन्फिडेंस हाई होना चाहिए और पॉजिटिव एटीट्यूड भी होना चाहिए।

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