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छोटे कंटेनमेंट जॉन बनाने का फरीदाबाद जिला प्रशासन का निर्णय सही या ग़लत ?

फरीदाबाद में लगातार बढ़ रहे कोरोना के आंकड़ों को नियंत्रण में करने के लिए फरीदाबाद जिला प्रशासन लगातार कई कड़े कदम उठा रहा है जिसके चलते अब फरीदाबाद प्रशासन छोटे-छोटे कंटेनमेंट जॉन बनाने पर ज्यादा जोर दे रहा है।

यशपाल यादव का कहना है कि अब तक के अनुभव के आधार पर कंटेनमेंट जॉन का क्षेत्र छोटा किया गया है और यह लोगों के लिए सुविधाजनक भी साबित हो रहा है। फरीदाबाद में जब कंटेनमेंट जॉन बनाने की शुरुआत की गई थी तो एक पूरा सेक्टर या कॉलोनी कंटेनमेंट जॉन बनाया जा रहा था जिससे लोगों को भी काफी असुविधा हो रही थी।

पहले बनाए जा रहे कंटेनमेंट जॉन में बाजारों में केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलती थी और अन्य सभी दुकानें बंद रखी जाती थी ऐसे में कंटेनमेंट जॉन के लोगों को कंटेनमेंट जोन से बाहर जाना या बाहर से किसी का कंटेनमेंट जॉन में आना मना था।

काफी समय तक जिला प्रशासन द्वारा इसी प्रकार कंटेनमेंट जॉन बनाने की प्रक्रिया के तहत कंटेनमेंट जोन का निर्धारण किया गया लेकिन जब अनलॉक वन के तहत आर्थिक गतिविधियों को वापस से शुरू करने के प्रयासों पर कार्य किया गया तो फरीदाबाद जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट जॉन के क्षेत्र को छोटा करने का निर्णय लिया।

जैसे सेक्टर 28 पहले पूरा कंटेनमेंट जॉन में आता था लेकिन अब सेक्टर 28 के कुछ मकान नंबर एवं गलियों को कंटेनमेंट जॉन बनाया गया है ऐसे ही अन्य सेक्टरों एवं कॉलोनियों में भी छोटे-छोटे कुल 142 कंटेनमेंट जॉन अभी तक उन क्षेत्रों में बनाए गए जहां से कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है।

कंटेनमेंट जॉन को छोटा करने को लेकर डीसी यशपाल यादव का कहना है कि फरीदाबाद जिला प्रशासन के इस निर्णय से लोगों को राहत मिली है और इसका काफी अच्छा प्रभाव भी कोरोना वायरस से लड़ने में देखने को मिल रहा है और आगे भी इसी प्रकार स्थिति को देखते हुए कंटेनमेंट जॉन का निर्धारण किया जाएगा।

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