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थ्री इडियट फिल्म से लेकर प्रेरणा, महिला सहयात्रियों के सहयोग से ट्रेन में महिला ने दिया नवजात को जन्म

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अक्सर हमने कभी हॉस्पिटल के बाहर तो कभी ट्रेन में तो कभी बस में बच्चे जन्म की खबरें सुनी और पढ़ाई भी होगी कई बार तो ट्रेन प्रशासन की लापरवाही भी उजागर होती रहती हैं।महिला ने ट्रेन में बच्‍चे को जन्‍म दिया ऐसी कई एक खबरें आपके सामने आती रही होंगी।

सिस्‍टम के फेलीयर की बातें भी सामने आती रही होंगी। मगर इस दफा एक अलग तरह का मामला सामने आया है। गाड़ी संख्या 09215 में बांद्रा टर्मिनल एक्सप्रेस में भिवानी निवासी पूजा ने बच्चे को जन्म दिया है। खास बात यह है कि ट्रेन में ही महिला सहयात्रियों ने डिलीवरी करवाई। बच्चा और मां दोनों पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

थ्री इडियट फिल्म से लेकर प्रेरणा, महिला सहयात्रियों के सहयोग से ट्रेन में महिला ने दिया नवजात को जन्म

दरअसल, मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को सुबह बांद्रा टर्मिनल के एस-5 कोच में सीट संख्या 51 पर भिवानी के कुंडल निवासी विकास शर्मा की पत्नी पूजा अपने भाई रविकांत के साथ गुजरात के भरूच जिले से हिसार सफर कर रही थी। महिला को सुबह लेबर पेन हुआ। महिला के भाई रविकांत ने ट्रेन में टीटीई को बताया कि उसकी बहन को लेबर पेन हो रहा है। कृपया आप कुछ करें।

सुबह करीब 07.45 बजे बीकानेर रेलवे के कंट्रोल रूम पर कोच के जोधपुर के टीटीई आरसी मीना ने महिला को लेबर पेन होने की जानकारी दी गई व डॉक्टर की व्यवस्था करने की मांग की। उस समय गाड़ी के रतनगढ़ स्टेशन पर पहुंचने वाली थी। रेलवे ने तुरंत रतनगढ़ स्टेशन पर चिकित्सक व संबंधित स्टाफ की व्यवस्था की। परंतु ट्रेन के रतनगढ़ स्टेशन पर पहुंचने से पहले ही उस कोच में उपस्थित महिला सहयात्रियों ने महिला की नॉर्मल डिलीवरी करवा दी। उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई।

थ्री इडियट फिल्म से लेकर प्रेरणा, महिला सहयात्रियों के सहयोग से ट्रेन में महिला ने दिया नवजात को जन्म

भाई रविकांत ने बताया कि रतनगढ़ स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन रुकी तो डॉक्टर पहले से ही ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। डिलीवरी के 3-4 मिनट बाद ही ट्रेन रतनगढ स्टेशन पहुंच गई और मेडिकल टीम कुछ ही सेकंड में ट्रेन में प्रवेश कर गई। इस कार्य में राजकीय चिकित्सालय, रतनगढ़ के गाएनोकोलोजिस्ट डा. सीताराम के द्वारा उक्त महिला का चेकअप किया गया, जिसमें मां और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए।

जिस तरह फिल्म वास्तविक जीवन पर आधार होती है, तो कहीं ना कहीं अभिप्रेरणा का भी कार्य करती है। जरूरी नहीं हर फिल्म सिर्फ मनोरंजन का कार्य करें, बल्कि कुछ फिल्म में मनोरंजन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करने का भी कार्य करती हैं।

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