HomeInternationalअफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे का व्यापार पर पड़ रहा असर, दवा कंपनियों...

अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे का व्यापार पर पड़ रहा असर, दवा कंपनियों के कंटेनर रास्तों में फंसे

Published on

तालिबान आतंकियों ने अफगानिस्तान को पूरी तरह से अपने कब्जे में किया हुआ है। ऐसे में वहां के लोग तो परेशान हैं ही, साथ ही इसका असर अन्य राज्यों पर भी पड़ता दिख रहा है। स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राजस्थान, गुजरात, पंजाब व हरियाणा सहित अनेक राज्य ऐसे हैं जिनका अफगानिस्तान से पाक के रास्ते व्यापार होता था।

लेकिन तालिबान आतंकियों के अफगानिस्तान पर कब्जे के चलते सब ठप हो गया है। वहां से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार के ठप हो जाने के साथ – साथ भारतीय कंपनियों व व्यापारिक संस्थाओं का इंपोर्ट – एक्सपोर्ट भी बंद हो चुका है। तालिबानियों द्वारा लगाई गई बंदिशों के चलते व्यापारिक वाहन अधर में ही अटके हुए हैं।

अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे का व्यापार पर पड़ रहा असर, दवा कंपनियों के कंटेनर रास्तों में फंसे

पानीपत की तीन कंपनियां, जोकि अफगानिस्तान में व्यापार करती थीं, उनके भी वाहन जहां – तहां फंसे हुए हैं। पानीपत की इन तीन कंपनियों में लैबोरेट, इंदकुस और बायोटेक शामिल हैं। दवा कंपनी इंडकुस बायोटेक के मालिक रजत भाटिया ने कहा कि उनका दवा कंटेनर पाकिस्तान – अफगानिस्तान के बॉर्डर पर फंसा हुआ है

अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे का व्यापार पर पड़ रहा असर, दवा कंपनियों के कंटेनर रास्तों में फंसे

तथा उन्होंने कहा कि उन्हें वाहन चालक की भी चिंता है। रजत मालिक ने बताया कि बैंकों के बंद होने के कारण पेमेंट भी रुकी पड़ी है तथा कोरियर सेवा भी बंद हो चुकी है। इस वजह से दावा से संबंधित कागजात भी वे अफगानिस्तान नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे का व्यापार पर पड़ रहा असर, दवा कंपनियों के कंटेनर रास्तों में फंसे

पानीपत के इंडकुस कंपनी के मालिक का कहना है कि हमारी कंपनी द्वारा प्रत्येक महीने लगभग 50 लाख से भी अधिक की दवाएं अफगानिस्तान पहुंचाई जाती हैं। लेकिन तालिबानियों के अफगानिस्तान पर कब्जे के चलते सब ठप सा होता नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि हमारे 2 कंटेनर अब वहां इंतजार में खड़े हैं।

अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे का व्यापार पर पड़ रहा असर, दवा कंपनियों के कंटेनर रास्तों में फंसे

उन्होंने बताया कि अभी वहां माल नहीं भेजा जा रहा है, इसलिए पेमेंट भी नहीं आ पा रही है। वहीं दूसरी ओर लैबरेट के मैनेजर का कहना है कि उनका कंटेनर 29 जुलाई को अफगानिस्तान गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें सितंबर महीने के लिए 1 लाख डॉलर का ऑर्डर मिला हुआ है। अभी बायर्स ने ऑर्डर कैंसल तो नही किया, लेकिन उन्होंने ये भी कहा है कि वहां कारोबार पूरी तरह से बंद है। आतंकी तालिबानियों ने सब ठप करके रख दिया है।

Latest articles

JCB ने Hero Motocorp के खिलाफ जीता फाइनल मैच

Faridabad: मानव रचना कॉरपोरेट क्रिकेट चैलेंज कप के 16वां संस्करण का समापन JCB की...

INLD की परिवर्तन पदयात्रा हरियाणा में लिखेगी नया अध्याय

Faridabad: युवा इनेलो नेता अर्जुन चौटाला ने इनेलो की परिवर्तन पदयात्रा हरियाणा की राजनीति...

Faridabad: इन्वेस्टमैंट बाजार ऑन एनर्जी एफीशिएंसी का किया सफल आयोजन

Faridabad: एंड रिन्युएबल एनर्जी डिपार्टमैंट और हरेडा द्वारा यहां ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीशिएंसी भारत...

सरकारी एजेंसी फरीदाबाद किसानों की फसल में निकाल रही भर भर के कमी

Faridabad: बल्लभगढ़ अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद न होने से किसानों की...

More like this

JCB ने Hero Motocorp के खिलाफ जीता फाइनल मैच

Faridabad: मानव रचना कॉरपोरेट क्रिकेट चैलेंज कप के 16वां संस्करण का समापन JCB की...

INLD की परिवर्तन पदयात्रा हरियाणा में लिखेगी नया अध्याय

Faridabad: युवा इनेलो नेता अर्जुन चौटाला ने इनेलो की परिवर्तन पदयात्रा हरियाणा की राजनीति...

Faridabad: इन्वेस्टमैंट बाजार ऑन एनर्जी एफीशिएंसी का किया सफल आयोजन

Faridabad: एंड रिन्युएबल एनर्जी डिपार्टमैंट और हरेडा द्वारा यहां ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीशिएंसी भारत...