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इस बड़ी बीमारी ने मचाया कहर, 4 दिन में 4 साल का तोड़ा रिकॉर्ड

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महामारी के बीच अब डेंगू और मलेरिया ने भी दस्तक दे दी है।स्वास्थ विभाग की मानें तो उनके द्वारा भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। यमुनानगर मैं स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक और विशेष बैठक कर अधिकारियों को डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं। सिविल सर्जन डॉक्टर विजय भैया ने भी बताया कि अब तक 126 सैंपल में ऐसे 11 सैंपल पॉजिटिव आ गए हैं। जिसमें से 4 केस मलेरिया के मरीज के हैं।

इस बड़ी बीमारी ने मचाया कहर, 4 दिन में 4 साल का तोड़ा रिकॉर्ड

आपको बता दें कि फरीदाबाद में डेंगू सबसे ज्यादा मरीज पाए जा रहे हैं। केवल 4 दिन में ही पिछले 4साल का रिकॉर्ड टूट गया है।

इस बड़ी बीमारी ने मचाया कहर, 4 दिन में 4 साल का तोड़ा रिकॉर्ड

सीएमओ डॉ विजय दहिया ने बताया कि इस बार बारिश लंबे समय तक चल रही है, जिस कारण विभाग पहले ही ज्यादा अलर्ट पर है। साथ ही उन्होंने बताया कि आज भी एक विशेष बैठक करी गई है, जिसमें सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए कि, डेंगू और मलेरिया फैलने वाले मच्छरों को जितने भी सोर्स हैं, उन पर लगातार नजर रखें‌। किसी भी कारण मच्छरों से होने वाली बीमारियां ना फैले और समय-समय पर मच्छरों वाली दवाई का भी छिड़काव करें।

यह प्रक्रिया हफ्ते में एक दिन करना आवश्यक है, इससे इन बीमारियों को फैलने वाले मच्छरों का साईकिल टूटता है, और यह बीमारी फैलने से रुक जाती है. सीएमओ की मानें तो फागिंग इस बीमारी का इलाज नहीं है क्योंकि फागिंग सिर्फ उतना ही काम करती है जितना हम अपने घरों में मच्छरों को भगाने के लिए एंटी मॉस्किटो उपकरण इस्तेमाल करते हैं,फागिंग से मच्छरों की डेंसिटी कुछ समय के लिए कम हो जाती है. लेकिन घूम फिर के वह उस जगह पर फिर वापिस आ जाते हैं.

इस बड़ी बीमारी ने मचाया कहर, 4 दिन में 4 साल का तोड़ा रिकॉर्ड

जब डॉक्टर विजय दहिया ने डेंगू के लक्षणों के बारे में बताया तो उनका कहना है कि इसने बुखार तो आता है लेकिन साथ ही साथ प्लेटलेट्स कम हो जाती है। बुखार का दूसरा नाम हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है क्योंकि इस बुखार में बदन दर्द जबरदस्त होता है। साथ ही बुखार की वजह से शरीर के अंदर कई बार ब्लीडिंग होती है।

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जिसके चलते कुछ लोगों को स्किन के ऊपर छोटे-छोटे खून के धब्बे भी नजर आने लगते हैं। उन्होंने बताया कि एक वायरस बीमारी है जिसका कोई भी स्थाई इलाज नहीं है। प्रशासन लक्षणों के आधार पर ट्रीटमेंट दे सकती है बुखार आने पर साधारण क्रॉसिंग दी जाती है बुखार की दूसरी दवाई भी प्लेटलेट्स वेलकम कर सकती है इसलिए बहुत तेज बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह लें और बुखार की गोली भी खानी चाहिए।

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