HomeUncategorizedजानिए कैसे एक मोरपंख खोल सकता है आपकी किस्मत के दरवाजे, आजमाया...

जानिए कैसे एक मोरपंख खोल सकता है आपकी किस्मत के दरवाजे, आजमाया हुआ तरीक़ा

Published on

एक मोरपंख खोल सकता है आपकी किस्मत के दरवाजे :- मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है | इसमें कोई संदेह नहीं की मोर देखने में बेहद खूबसूरत और आकर्षक होते हैं। जिस तरह मोर अपनी खूबसूरती से हमें अपनी और आकर्षित करता है, उसी तरह मोर किस्मत को भी धन्य बनाता है। देश में बहुत से लोग मोर को बहुत से मायनों में शुभ मानते हैं।

बहुत सी पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार मोर को शुभ माना जाता है और यह हमारे समाज में ख़ास महत्व भी रखते हैं। आपने देखा होगा कि काफी लोग बचपन से ही आकर्षित होते हैं । समय दूसरों का ध्‍यान उन्‍हीं पर लगा रहता है ।

जानिए कैसे एक मोरपंख खोल सकता है आपकी किस्मत के दरवाजे
जानिए कैसे एक मोरपंख खोल सकता है आपकी किस्मत के दरवाजे

कुछ लोगों को यह शिकायत होती है कि उनमें बिलकुल भी आकर्षण नहीं है और इस वजह से उनका जीवन बिलकुल नीरस सा है। लेकिन मोरपंख को जेब में रखने से मान्यताओं के अनुसार आप लोगों को अपनी और आकर्षित कर सकते हैं। मोरपंख को अपनी जेब में पीले रंग के रेशमी कपड़े में लपेटकर रखें।

मोरपंख सनातन काल में

मोर सनातन धर्म में सनातन काल से हमारे लिए काफी पूज्य और महत्वूर्ण रहा है। यह बात काफी बार आपने टीवी पर देखी होगी, सुनी होगी कि पौराणिक काल में महर्षियों द्वारा मोर के पंख की कलम से ही बड़े-बड़े ग्रंथ लिखे गए हैं। ज्योतिषशास्त्र में मोरपंख का बहुत महत्व है।

मोरपंख को नवग्रह का प्रतीक भी माना जाता है, जिस कारण इससे कुंडली के बहुत से दोष दूर होने के साथ ही वास्तु दोष भी दूर हो जाते हैं।

जानिए कैसे एक मोरपंख खोल सकता है आपकी किस्मत के दरवाजे, आजमाया हुआ तरीक़ा

सनातन धर्म के देववाहिनी तन्त्र में मोर के पंखों का विवरण भी दिया गया है। सभी शास्त्रों, ग्रंथो, वास्तु एवं ज्योतिष शास्त्र में मोर के पंख को महत्त्वपूर्ण कहा गया है । मोर पंख बहुत से देवी, देवताओं का प्रिय आभूषण है, जैसे भगवान श्री कृष्ण, श्री गणेश और कार्तिकेय जी।

विद्या देवी का वहाँ है मोर

जिनके बिना हमें विद्या प्राप्त नहीं हो सकती देवी सरस्वती मां का वाहन मोर है और इसी कारण विद्यार्थी अक्सर अपनी पुस्तकों के अंदर मोर पंख रखते हैं। मोर शिव पुत्र कार्तिकेय का भी वाहन है। कार्तिकेय देवताओं की सेना के सेनापति हैं, लेकिन उन्होंने वाहन के रूप में मोर को चुना।

भगवान कृष्‍ण के मस्‍तक पर शोभित मोर पंख रहता है,इतना ही नहीं विद्या की देवीं मां सरस्वती, धन की देवीं मां लक्ष्मी, गजराज इंद्रदेव , शिवपुत्र कार्तिकेय और श्री गणेश सभी को मोर पंख किसी न किसी रूप में प्रिय है। यही कारण है कि सनातन धर्म में मोरपंख को बहुत पवित्र माना जाता है।

जानिए कैसे एक मोरपंख खोल सकता है आपकी किस्मत के दरवाजे

मोरपंख दुर्भाग्य खत्म कर सौभाग्य नेम वृद्धि करने वाला माना जाता है। चलिए, जानते हैं किस तरह से मोरपंख आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है और कैसे आपकी किस्मत चमका सकता है।

  1. ऐसे बहुत बार होता है जब कोई जरूरी काम पूरा होते-होते रूक जाता है और बहुत से ऐसे होते हैं जो बहुत समय से अटके हुए होते हैं, अगर ऐसा आपके जीवन में होता है तो आप अपने बेडरूम की पूर्व-दक्षिण दिशा में मोर पंख लगाएं। इससे रूके काम पूरे होने के योग बन सकते हैं।
  2. घर या दुकान की दक्षिण-पूर्व दिशा में मोरपंख रखने से घर-परिवार में मौजूद पैसों की तंगी समाप्त हो सकती है।
  3. अक्सर लोग बच्चों को नज़र लगा देते हैं उस बुरी बुरी नजर से बच्चों को बचाने के लिए नवजात बालक को मोरपंख चांदी के ताबीज में पहनाएं।
  4. घर के मुख्य द्वार पर तीन मोरपंख रखें । पंखों के नीचे भगवान श्रीगणेश का चित्र या छोटी प्रतिमा रखें इस से घर के सभी वास्तु दोष दूर होते हैं।
  5. ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति हमेशा अपने पास मोर पंख रखता है, उसे हर कार्य में किस्मत का साथ मिल सकता है। साथ ही अपनी जेब या पुंजी में मोर पंख रखने पर राहू के दोष भी दूर होते हैं।

मोरपंख भले ही हमारी आस्था से जुड़ा हो लेकिन अगर हम सच्चे मन से सच्ची मेहनत करें तो हमें किसी ढोंगी बाबा की आवश्यकता नहीं है। इस दुनिया में खुद से बड़ी ताकत नहीं है। इंसान अपनी इच्छा और अपनी सोच से ही सफलता प्राप्त करता है। एक घर में तीन बेटों में एक डॉक्टर, एक पुलिस और यदि एक रिक्शा चलाने वाला हो तो वह सिर्फ अपनी सोच और अपनी मेहनत के कारण ही होता है।

  • ओम सेठी

Latest articles

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

More like this

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...