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सीमा पर हिंसक झड़प होने के बाद , चीन को कैसे हुआ भारी नुकसान

पिछले कुछ दिनों से भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प की वजह से दोनों देशों के बीच संबंध बिगड़ते जा रहे हैं ऐसे में चीनी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार कई नई बातें सामने आई हैं जो आज हम अपने पाठकों को बताना चाहेंगे।

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, जहां तक मौजूदा स्थिति की बात करें । तो इस बात से कोई इनकार नहीं करता है कि चीन और भारत के बीच सीमा विवाद द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर असर डालेगा, क्योंकि भारत में चीन विरोधी भावना कुछ समय के लिए जारी रहेगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीनी कंपनियों को बेकार बैठना चाहिए ।

चीनी कंपनियों को सलाह देते हुए ग्लोबल टाइम्स ने ये भी कहा कि कंपनियों को शांत नहीं बैठना चाहिए । अगर हो सके तो उन्हें अपने निवेश में विविधता लाने और संभावित वैकल्पिक बाजारों की तलाश के बारे में सोचना चाहिए. हमें उम्मीद है कि भारत सरकार सभी चीनी कर्मियों, साथ ही सभी चीनी व्यवसायों और उनकी संपत्ति के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रदान करेगी ।

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार हिंसक झड़प कुछ ऐसी थी जिसका न तो कोई देश अनुमान लगा सकता था और न ही देखना चाहता था ।इस झड़प के परिणाम ऐसा हुआ कि भारत में बढ़ते राष्ट्रवादी बुखार ने पहले ही द्विपक्षीय संबंधों और आर्थिक संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है ।

सोचने वाली बात यह है कि लद्दाख सीमा पर 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद भारत गुस्से में है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं । लोग चीनी सामानों का बहिष्कार करने की मांग कर रहे हैं । इसका असर चीनी कंपनियों पर पड़ रहा है. कई जगह पर चीनी कंपनियों के होर्डिंग को हटा दिया गया है ।

चीन पर पहला एक्शन, चीनी कंपनी से छीना रेलवे ठेका

ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि दोनों सरकारों ने कुछ हद तक सरहद पर तनाव कम करने की कोशिश की है और व्यवसाय चाहता है कि आर्थिक और व्यापार सहयोग बना रहे, लेकिन भारत में चीन विरोधी भावना बढ़ने से संभावित जोखिमों के बारे में चीनी व्यवसायों को सलाह दी जानी चाहिए ।

जाने कैसे चीन को लगा बड़ा झटका

ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, भारत और चीन के बीच सरहद पर तनाव का सबसे अधिक असर चीनी कंपनियों पर पड़ा है । चाइनीज मोबाइल कंपनी ओप्पो को अपना लाइव इवेंट कैंसिल करना पड़ा ।ओप्पो लाइव इवेंट के जरिए अपने 5 जी फोन को भारतीय मार्केट में लॉन्च करने वाला था, लेकिन चीनी सामानों के विरोध के कारण उसने पैर पीछे खींच लिया ।

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