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“साइकिल गर्ल ज्योति” ने पेश की एक और मिसाल, पुरस्कार में मिली राशि से किया ये काम

लॉकडाउन के दौरान बीमार पिता को साइकिल के कैरियर पर बिठा कर गुरुग्राम से दरभंगा लाने वाली साइकिल गर्ल ज्योति ने एक बार फिर लोगों का दिल जीतने वाला काम किया है। ज्योति ने पुरस्कार स्वरूप में मिली राशि से अपनी गरीब बुआ की शादी करवाई ।

कविता की शादी समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के नाथुद्वार गांव के शिवू पासवान के पुत्र अरविंद पासवान के साथ श्यामा मंदिर में हुई है।

"साइकिल गर्ल ज्योति" ने पेश की एक और मिसाल, पुरस्कार में मिली राशि से किया ये काम
“साइकिल गर्ल ज्योति” ने पेश की एक और मिसाल, पुरस्कार में मिली राशि से किया ये काम

इसके लिए ज्योति ने पुरस्कार में मिली राशि में से Rs.50,000 खर्च किए और अपनी गरीब चचेरी बुआ कविता के हाथ पीले कर, ना सिर्फ लोगों का दिल जीता बल्कि एक सकारात्मक सन्देश भी दे दिया।

साइकिल गर्ल ज्योति
साइकिल गर्ल ज्योति

साइकिल गर्ल ज्योति के दादा दो भाई थे, दोनों दादा कारी पासवान और शिवनंदन पासवान दोनों का निधन हो चुका है। चचेरी दादी विधवा लीला देवी लकवा ग्रस्त हैं।

साइकिल गर्ल ज्योति

ज्योति ने अपनी चचेरी दादी की हालत देख उनकी बेटी कविता कुमारी की शादी कराने का फ़ैसला लिया और यह बात उसने अपने माता पिता से कही। इस संबंध में ज्योति के पिता मोहन पासवान ने कहा कि ज्योति ने ही कविता की शादी करा देने का सुझाव दिया था।

उसने कहा कि कल हमारे पास कुछ नहीं था, लेकिन आज जो कुछ है बहुत है तो एक गरीब की बेटी की शादी करा देनी चाहिए।

उन्होंने इसे स्वीकार किया और आज ज्योति के पैसों से रिश्ते में उसकी बहन कविता की शादी अरविंद से हो पाई। उन्होने कहा कि इसमें सब कुछ ज्योति का है और उन्हें अपनी बेटी पर नाज़ है।

ज्योति कुमारी की हिम्मत, जिन्होंने गुरुग्राम से लगभग 1200 किलोमीटर की दूरी तय कर दरभंगा में अपने सिरहुली गाँव की यात्रा की है। इस तालाबंदी में उसके बीमार पिता को बैठाकर। इसे दुनिया भर में सराहा गया है। ज्योति की कहानी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ने भी ट्विटर पर साझा किया था।

Written by- Ansh Sharma

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