HomeLife StyleEntertainmentअपने ही घर में रहने के लिए लेते हैं बेटी की permission...

अपने ही घर में रहने के लिए लेते हैं बेटी की permission सौरव गांगुली, जानिए क्या है 25 सालों से सजाकर रखी हुई शैम्पेन बोतलों का राज

Published on

आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताने वाले हैं जो अपनी बेटी को अपने घर की मालकिन मांग मानता था । वह अपनी बेटी से अपने ही घर में रहने की इजाजत मांगता था। और बहुत लाड़ प्यार से उसे रखता था। तो आइए जानते हैं कौन है वह व्यक्ति।

वह व्यक्ति है सौरव गांगुली। सौरव गांगुली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान हैं। इसका  जन्म आठ जुलाई 1972 को कोलकाता के बेहला में हुआ था। सभी लोग उन्हें ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ और ‘बंगाल टाइगर’ के नाम से भी जानते हैं।

अपने ही घर में रहने के लिए लेते हैं बेटी की permission सौरव गांगुली, जानिए क्या है 25 सालों से सजाकर रखी हुई शैम्पेन बोतलों का राज

उनके लाइफस्टाइल के हिसाब से देखे तो यह नाम उन्हे बिलकुल सही दिए गए है। सौरव एक बहुत ही रॉयल लाइफ जीते हैं। अपनी शानो-शौकत की एक झलक उन्होंने ‘एशियन पेंट्स सीजन-2’ के एक एपिसोड में दिखाई थी।

अपने ही घर में रहने के लिए लेते हैं बेटी की permission सौरव गांगुली, जानिए क्या है 25 सालों से सजाकर रखी हुई शैम्पेन बोतलों का राज


इस एपिसोड में सौरव गांगुली अपने महल जैसे घर, उसमें रहने वाले परिवार और क्रिकेट को लेकर उनकी फैमिली की दीवानगी पर खुलकर बात करते दिखाई दिए थे। उनका यह एपिसोड यूट्यूब पर मार्च 2018 में रिलीज हुआ था। इसमें उन्होंने बताया कि यही वह घर है जिसमें उन्होंने अपनी लाइफ के 44 साल बिताए हैं।

अपने ही घर में रहने के लिए लेते हैं बेटी की permission सौरव गांगुली, जानिए क्या है 25 सालों से सजाकर रखी हुई शैम्पेन बोतलों का राज

वह बताते है कि जब वे घर में घुसते हैं तो बहुत ही आराम महसूस करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि घर में रहने वालें लोगो से ही मकान घर बनता है।

अपने ही घर में रहने के लिए लेते हैं बेटी की permission सौरव गांगुली, जानिए क्या है 25 सालों से सजाकर रखी हुई शैम्पेन बोतलों का राज

इस एपिसोड में सौरव गांगुली के घर 25 साल पुरानी शैम्पेन की दो बोतलें सजी हुई दिखाई दी है। इन बोतलों को संभालने की वजह बताई कि   उन्होंने 1996 में इंग्लैंड में लगातार दो शतक लगाए थे। उस दौरान उन्हें गिफ्ट के रूप में ये शैम्पेन की बोतलें मिली थी। सौरव कहते हैं कि “जब मैं इंग्लैंड से भारत लौटा तो मैंने शैम्पेन की बोतलें तो खोल दीं, हालांकि उन बोतलों को यादों के रूप में संजोकर अभी तक रखा हुआ है।

“सौरव आगे बताते हैं कि यदि शैम्पेन की बोतलों को की दिनों तक ह्यूमिड स्थान पर रखा जाए तो वह फट सकती हैं। यही वजह थी कि मैंने उन्हें ओपन कर लिया था। सौरव ने इंग्लैंड में अपना पहला टेस्ट शतक साल 1996 में लगाया था। वहीं अगले टेस्ट में उन्होंने दूसरा टेस्ट शतक जड़ा था।

अपने ही घर में रहने के लिए लेते हैं बेटी की permission सौरव गांगुली, जानिए क्या है 25 सालों से सजाकर रखी हुई शैम्पेन बोतलों का राज

सौरव गांगुली ने अपने निजी जीवन का जिक्र करत हुए बताया था कि मैं एक राइट हैंड पर्सन हूं। उन्होंने कहा था कि “मैं खाना सीधा हाथ से खाता हूँ। मैं लिखता भी सीधे हाथ से हूँ। बॉल थ्रो भी राइट हैंड से करता हूं, हालांकि बल्ला लेफ्ट हैंड से पकड़ता हूँ।”

सौरव गांगुली की एक बेटी भी है जिसका नाम सना गांगुली है। बेटी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि “सना इस घर की सबसे अहम मेंबर हैं। मेरी मां, मेरे भाई, मेरे कजिंस सब हैं, लेकिन यह सबसे पहले सना का घर है। इसलिए मैं सना से अक्सर कहता रहता हूं कि प्लीज हमें यहां रहने की इजाजत दें।”

अपने ही घर में रहने के लिए लेते हैं बेटी की permission सौरव गांगुली, जानिए क्या है 25 सालों से सजाकर रखी हुई शैम्पेन बोतलों का राज

Latest articles

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

नृत्य मेरे लिए पूजा के योग्य है: कशीना

एक शिक्षक के रूप में होने और MRIS 14( मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर...

महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस पर रक्तदान कर बनें पुण्य के भागी : भारत अरोड़ा

श्री महारानी वैष्णव देवी मंदिर संस्थान द्वारा महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस के...

पुलिस का दुरूपयोग कर रही है भाजपा सरकार-विधायक नीरज शर्मा

आज दिनांक 26 फरवरी को एनआईटी फरीदाबाद से विधायक नीरज शर्मा ने बहादुरगढ में...

More like this

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती – रेणु भाटिया (हरियाणा महिला आयोग की Chairperson)

मैं किसी बेटी का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती। इसके लिए मैं कुछ भी...

नृत्य मेरे लिए पूजा के योग्य है: कशीना

एक शिक्षक के रूप में होने और MRIS 14( मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर...

महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस पर रक्तदान कर बनें पुण्य के भागी : भारत अरोड़ा

श्री महारानी वैष्णव देवी मंदिर संस्थान द्वारा महारानी की प्राण प्रतिष्ठा दिवस के...