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कोरोना मामलो मे दिल्ली ने पीछे छोड़ा मुंबई को, जानिए कैसी है दिल्ली की तैयारी ?

कोरोना महामारी हर एक दिन तेज़ी से फैल रही है और मामले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं और देखते है देखते दिल्ली कोरोना मामलो मे मुंबई से भी आगे निकल गयी है।

दिल्ली के हालात क्या है?

24 जून तक , दिल्ली मे 3,788 नए कोविड -19 के मामले आए और कुल कोविड -19 केसिस 70,000 के ऊपर रिकॉर्ड हो चुके है, और इसी बीच दिल्ली ने मुंबई को भी पीछे छोड़ दिया है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी दिल्ली मे कुल 26,588 एक्टिव मामले है, 41,437 की रिकवरी, और 2,365 मौते हो चुकी है।

क्या दिल्ली 1 लाख से ऊपर मामलो के लिए तैयार है?

पिछले कुछ दिनों मे दिल्ली के कोरोना आंकड़े खूब तेज़ी से बड़े है और जब आंकड़े बड़े तो लिहाज़ा अस्पतालों मे बिस्तर की कमी पड़नी शूरू होगयी और इसी के चलते कई लोगो की मौते हुई है, जिसका मुख्य कारण था बिस्तरों की कमी।

इन्ही हालातो को देखते हुए सरकार ने एक नए कोरोना सेन्टर का निर्माण कर दिया है जो वास्तव मे “राधा स्वामी सत्संग सेन्टर” है ,जो दिल्ली के छत्तरपुर इलाके मे स्थित है। इस कोविड सेन्टर मे 5 पंक्तिया बनाई गयी है और प्रत्येक पंक्ति मे 16 बिस्तर है। हर बिस्तर पर एक सफेद चादर, और पतले तकिय 5 फ़ीट के अंतर मे बिछा रखे है। बिस्तर की एक तरफ एक प्लास्टिक कुरसी रखी गयी है और दूसरी तरफ एक स्टूल, जिस पर एक पानी की बोतल और साथ मे छोटी साबुन की टिक्की रखी गयी है।

सेन्टर का फर्श मिट्टी का है और उसके लिए सरकार वहां कारपेट बिछाने वाली है और साथ ही साथ पूरा सेन्टर “18,000 टन” के ऐसी से ठंडा होगा।

दिल्ली सरकार ने प्रदेश मे बिस्तरों की कमी को देखते हुए यह सेन्टर (जो 22 फुटबॉल फील्ड जितना बड़ा है) लिया है। वही दिल्ली सरकार बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए अलग से 40 होटल्स और 77 बैंक्वेट हॉल्स मे अस्थाई अस्पताल स्थापित करने वाली है। बीमार रोगियो के लिए 15,800 बेड जोड़ने का विचार है। वही 500 रेलवे कोचेस प्रदेश मे 8,000 नए बेड्स जोड़ेंगी।

मंगलवार को ग्रह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया था कि यह सेन्टर शुक्रवार से सुचारू रूप से शुरू होजाएगा और पूरे सेन्टर की सुरक्षा “इंडो-तिब्बतियन बॉर्डर पुलिस” करेगी।

सेन्टर की सुविधाएं

साउथ वेस्ट दिल्ली की डी.एम मिश्रा ने कहा कि “हर मरीज़ को एक बेड, स्टूल, कुर्सी, डस्टबिन, खाने के लिए बर्तन दिए जाएंगे। हर किसी बेड के पास व्यक्तिगत फोन और लैपटॉप चार्ज करने की सुविधा होगी , पर किसी भी वीडियो या ऑडियो एप्लीकेशन के लिए उन्हें हेडफोन्स इस्तेमाल करने होंगे। भोजन वितरण के लिए वालंटियर्स ट्राली से खाना हर पंक्ति मे हर एक बिस्तर तक ले जाएंगे और सत्संग सेन्टर एक दिन मे 3 लाख लोगों के लिए खाना पकाने मे सक्षम है”।

एम.टी.एन.एल को फोन और इंटरनेट कनेक्शन लगाने का निर्देश दिया है और टेलीफोन कंपनियो से सेन्टर के पास टावर्स लगाने को कहा गया है जिससे रोगियों को इंटरनेट चलाने मे दिक्कत न हो।

रिश्तेदार को प्रवेश करने की अनुमति नही दी जाएगी

“रोगियों के सम्बन्धियो को सेन्टर के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नही दी जाएगी। “हम पसंद करेंगे कि वे एम्बुलेंस मे मरीज़ों को यहां भेज सके, लेकिन फिर भी अगर वो उन्हें स्वयं लाते है , तो उन्हें रोगियो को गेट पर ही छोड़ना होगा” डी.एम मिश्रा ने कहा।

यह कोरोना सेन्टर पूरे देश मे सबसे बड़ा अस्थाई अस्पताल बनने वाला है जिसमे 10,000 से ज़्यादा बिस्तर होंगे।

Written by- Harsh Datt

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