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फरीदाबाद में अब इस तरीके से होगी कोरोना जांच, 1.5 घंटे में मिलेंगी जांच रिपोर्ट

फरीदाबाद में कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा फरीदाबाद में कोरोना जांच के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया है। जिसके चलते अब कोरोना की रिपोर्ट 3 दिन में ना कर बल्कि डेढ़ घंटे में तुरंत प्राप्त हो सकेगी।

फरीदाबाद के नागरिक अस्पताल बादशाह खान में कोरोना की जांच के लिए आने वाले संदिग्ध मरीजों के जल्द ही रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से कोरोना वायरस के जांच के लिए सैंपल लिए जाएंगे और उनकी रिपोर्ट केवल डेढ़ घंटे में संदिग्ध मरीजों को सौंपी जा सकेगी।

कोरोना जांच की प्रक्रिया का ट्रायल शुरू हो चुका है आईडीएसपी लैब में 25 अप्रैल को इसके ट्रायल के तहत सैंपल लिए गए थे। अभी तक फरीदाबाद में कोरोना वायरस की जांच आरटीपीसीआर टेस्ट प्रक्रिया द्वारा की जा रही थी लेकिन यह रैपिड एंटीजन टेस्ट आरटीपीसीआर की तुलना में अधिक सुरक्षित है।

जिसमें जांच करने वाले मेडिकल स्टाफ के भी संक्रमित होने का खतरा भी काफी कम है। बता दें कि अभी तक फरीदाबाद में आरटीपीसीआर जांच प्रक्रिया के तहत कोरोना मरीजों की जांच की जा रही थी। जिसके चलते 3 से 4 दिनों में मरीजों की रिपोर्ट सामने आती थी।

मरीजों की सही समय पर रिपोर्ट ना आने से संदिग्ध मरीज क्वॉरेंटाइन होने की बजाय अन्य लोगों के संपर्क में आ रहे थे। जिससे संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा था और इसी के चलते फरीदाबाद में अभी तक इतने अधिक मामले सामने आ चुके हैं।

लेकिन अब रैपिड एंड एंटीजन टेस्ट प्रक्रिया के तहत कोरोना की रिपोर्ट कुछ ही घंटों में प्राप्त हो सकेगी जिससे फरीदाबाद में कोरोनावायरस को नियंत्रित करने में काफी सहायता मिल सकेगी और शहर में कोरोना की इस स्थिति को नियंत्रण करने में जिला प्रशासन की मुश्किलों का भी समाधान हो सकेगा।

फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग के उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजीव भगत ने बताया कि रैपिड एंटीजन टेस्ट के साथ साथ आरटीपीसीआर टेस्ट भी जारी रहेगा जिसके द्वारा भी मरीजों कि जांच की जाएगी। संजीव भगत ने बताया कि फरीदाबाद को रैपिड एंटीजन टेस्ट की अनुमति मिल गई है।

इसके लिए किट भी आ चुकी है जल्द ही इस प्रक्रिया को पूर्ण रूप से शुरू किया जाएगा। इस टेस्ट के जरिए मरीज की रिपोर्ट कुछ ही घंटों में मिल सकेगी यदि किसी की रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो उसके सैंपल की जांच रटीपीसीआर प्रक्रिया द्वारा भी की जाएगी ताकि मरीज की पूर्ण रूप से पुष्टि की जा सके।

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