HomeIndiaक्या आपको पता है ऐसे तरीके जो चुटकी में कर सकते हैं...

क्या आपको पता है ऐसे तरीके जो चुटकी में कर सकते हैं चाइनीस सामान की पहचान

Published on

भारत चीन सीमा पर लद्दाख में भारतीय फौजियों पर हुए हमले के बाद भारत ने तय कर लिया है कि वे अब चाइनीस प्रोडक्ट इस्तेमाल नहीं करेंगे।

इसका असर कारोबार पर साफ दिख रहा है। इसी का नतीजा है कि भारत में स्वदेशी सामान के अधिक से अधिक इस्तेमाल करने और चीनी सामान के बहिष्कार की मुहिम शुरू हो गई है।

ऐसे में आप भी चाइनीस प्रोडक्ट को बॉयकॉट करने का सोच रहे हैं तो आपको पता होना चाहिए कि कैसे चाइनीस प्रोडक्ट का पता लगाएं।

क्या आपको पता है ऐसे तरीके जो चुटकी में कर सकते हैं चाइनीस सामान की पहचान

भारत में कूटनीतिक स्तर पर चाइनीस प्रोडक्ट बॉयकॉट करने के लिए क्या-क्या किया

  1. भारतीय रेलवे ने चीन की कंपनी से 471 करोड़ रुपये के टेंडर रद्द कर दिए।
  2. भारत संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनल पर महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड यानी एमटीएनएल उन्हें भी सभी चाइनीस 4जी उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
  3. साथी ही हरियाणा यमुनानगर के थर्मल पावर स्टेशन कॉन्ट्रैक्ट मुझे चाइना को मिलने वाले थे वह कैंसिल कर दिए गए हैं।

हमें स्वदेशी सामान पर भरोसा करना होगा। ऐसे में सामान की लेबलिंग पर भी जोर देना होगा, ताकि सामान खरीदने से पहले लोग ये जान सकें कि यह किस देश का है।

लोगों को भ्रम में डालने के लिए क्या कर रहा है चीन

चीन की चालबाजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अब अपने सामान पर ‘मेड इन चाइना’ लिखने की बजाय ‘मेड इन पीआरसी’ लिख रहा है।

इसलिए अब आप को ध्यान देना होगा की ‘मेड इन पीआरसी’ वाला प्रोडक्ट भी चाइना से ही बनकर आया है।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और चीनी मामलों के विशेषज्ञ बी आर दीपक कहते हैं कि टी-शर्ट श्रीलंका और बांग्लादेश से आती है और दोनों देशों की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के पीछे चीन है।ऐसे में यह पता करना आसान नहीं है कि चीन किस देश के माध्यम से सामान को रूट कर भारत पहुंचा रहा है।

भारतीय लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए सरकार क्या कर रही है

क्या आपको पता है ऐसे तरीके जो चुटकी में कर सकते हैं चाइनीस सामान की पहचान

यह बिल्कुल सही समय है हम आत्मनिर्भर होने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाए। इसके लिए भारत सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को कहा है कि वे सामान में लेबलिंग करें कि सामान किस देश का है। इसके अलावा सरकार ने जेम पोर्टल के माध्यम से भी यह सुनिश्चित किया है कि कंपनियां को यह बताना पड़ेगा कि यह सामान किस मुल्क का है।

इस प्रकार स्वदेशी समान को पहचाने

बार कोड में सबसे बायीं ओर लिखे दो अंक यह बताते हैं कि उत्पाद किस देश में बना है। जैसे किसी भी चीनी उत्पाद के सबसे बाय वाले 3 अंक हमेशा 690 से 692 तक होंगे। इसी तरह भारत के लिए यह कोड 890 है।

अगर आप समान की पूरी डिटेल जानना चाहते हैं। क्यों ऐसा मान किस चीज से बना है कहां बना है और किस प्रकार बनाया गया है तो उसके लिए आप बारकोड स्कैनर एप डाउनलोड कर सकते हैं।इस प्रकार आप स्वदेशी की पहचान कर उसे अपना सकते हैं और चाइनीस प्रोडक्ट्स का बायकाट कर सकते हैं।

Written by- Vikas Singh

Latest articles

NIT क्षेत्र में पानी की किल्लत के समाधान को लेकर FMDA के CEO से मिले विधायक नीरज शर्मा

आज दिनांक 29 मई 2024 को एनआईटी फरीदाबाद से विधायक नीरज शर्मा ने फरीदाबाद...

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...

More like this

NIT क्षेत्र में पानी की किल्लत के समाधान को लेकर FMDA के CEO से मिले विधायक नीरज शर्मा

आज दिनांक 29 मई 2024 को एनआईटी फरीदाबाद से विधायक नीरज शर्मा ने फरीदाबाद...

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है: कशीना

भगवान आस्था है, मां पूजा है, मां वंदनीय हैं, मां आत्मीय है, इसका संबंध...

भाजपा के जुमले इस चुनाव में नहीं चल रहे हैं: NIT विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा

एनआईटी विधानसभा-86 के विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि फरीदाबाद लोकसभा सीट से पूर्व...