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हरियाणा के इस गांव के बारे में अब पढ़ाया जाएगा स्कूलों में

हरियाणा राज्य देश के लिए बहुत प्रेरणादायक रहा है, बात चाहे खेल की हो या फ़ौज की प्रदेश ने देश के लिए बहुत से शूरवीर दिए हैं | राज्य के जींद जिले के बीबीपुर गांव से शुरू हुई बदलाव की कहानी अब दिल्ली के निजी स्कूलों के दसवीं कक्षा के बच्चे पढ़ेंगे। बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील के बीड़ा उठाने पर यह संभव हुआ है। सुनील जागलान छह जून 2010 से जनवरी 2016 तक बीबीपुर गांव के सरपंच रहे। उनकी दो बेटियां हैं। अब उन्होंने सेल्फी विद डाटर कैम्पेन को ऊंचाइयां देने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। गांव की आबादी करीब साढ़े पांच हजार है। गांव के लोगों ने सोचा भी नहीं होगा कि करीब नौ साल सामाजिक बदलाव की जो बयार उनके गांव से शुरू हुई थी, वह अब पूरे देश और दुनिया में पहुंच जाएगा।

बदलाव ढूंढ़ने के लिए हमें सबसे पहले खुद में झाँक लेना चाहिए | सुनील द्वारा किए गए काम और उससे हुए बदलाव की कहानी को देश के निजी स्कूलों में दसवीं क्लास की बुक प्रमुखता से पढ़ाया जाएगा। दसवीं क्लास की वर्क बुक में सुनील जागलान के सामाजिक कार्यों, बदलाव के बड़े उदाहरण और नतीजों के साथ ही बच्चों के प्रेरणा स्रोत के रूप में एक बड़ा चैप्टर दिया गया है, जिसका नाम है, ए विलेज नेम्ड बीबीपुर। बीबीपुर गांव का बदलाव आज देश-दुनिया में एक माडल बन गई है।

मिशन पासिबल’ के तहत सुनील ने गांवों को शहरों के समान सुंदर बनाने से लेकर डिजिटकलीकरण करने, पंचायतों को आनलाइन बनाने तथा महिला सशक्तीकरण के साथ ही बेटियों के चेहरों पर मुस्कान लाने की जो मुहिम शुरू की थी, वह पूरे देश के लिए नजीर बन गई है।

सुनील ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की मुहीम में भी एहम भूमिका निभाई है | उनके कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बहुत बार तारीफ कर चुके है | बेटी के पिता होने का महत्व समझ कर अगर हर कोई ऐसी सोच रखे तो, भारत को नंबर वन बन ने कोई रोक नहीं सकता | उन्होंने गांव को हाईटेक बनाया, तरीका देश ने अपनाया |

Written By – Om Sethi

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