अब हर गांव में तैयार होगी जैविक खाद :- हरियाणा सरकार जिस प्रकार पेड़ – पौधों और जैविक खेती के लिए जागरूक है उस से सरकार को सीख लेने की आवश्यकता है। सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने को लेकर गंभीर है। जिसके चलते अब प्रदेश के हर गांव में जैविक खाद तैयार की जाएगी। इसके लिए सभी गांवों में मनरेगा के तहत बड़े गड्ढे खुदवाए जाएंगे।
प्राचीन काल से ही जैविक खेती भारतियों के लिए काम की रही है। सरकार द्वारा इस कदम से जैविक खाद तैयार की जाएगी। यह गड्ढे गांवों में घेर, खाली स्थान, सड़क किनारे, खेत आदि स्थानों पर खोदे जाएंगे।

भारतीय संस्कृति में भी जैविक खेती का वर्णन आपको मिल जाएगा। सरकार की तरफ से यह गड्ढे खोदने के बाद किसान उसमें अपने पशुओं का गोबर व घर का कूड़ा डालेंगे। जो बाद में खाद बन जाएगा। यह खाद फसलों का उत्पादन बढ़ाने में कारगर सिद्ध होगी।
भारत में सभी राज्य सरकारों को जैविक खेती के लिए कदम उठाने चाहिए। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आजकल किसान अधिक उत्पादन लेने के लिए केमिकल खाद का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे लगातार भूमि के पोषक तत्व समाप्त हो रहे हैं। भूमि की उर्वराशक्ति एकमात्र जैविक खाद से ही बढ़ाई जा सकती है।

जैविक खेती से हम सभी का पुराना नाता रहा है। केमिकल खाद तो कुछ वर्षों पहले ही आई है। डिप्टी सीएम ने बताया कि अकसर देखने में आता है कि गांव के लोग साफ-सफाई करके कूड़ा-कर्कट का ढ़ेर गांव के बाहर लगा देते हैं। इससे जहां गंदगी फैलती है, वहीं सड़क पर कूड़ा बिखरा होने से दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

हरियाणा सरकार की इस पहल से किसानों को पुराने अंदाज़ में खेती करने का अवसर मिल सकता है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के लोगों की मांग के अनुसार मनरेगा योजना के तहत छोटे, मध्यम व बड़े आकार के गड्ढे खोदे जाएंगे। ग्रामीणों को वैज्ञानिक ढ़ंग से खाद बनाने का तरीका भी समझाया जाएगा।



