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मेरी धरोहर हो रही है जर्जर, पर्यटक जाएं तो जाएं कहाँ ? : मैं हूँ फरीदाबाद

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नमस्कार! मैं फरीदाबाद आज आप सभी को हरियाणा पर्यटन दिवस की शुबकामनाएं देता हूँ। कल तमाम बड़े अधिकारियों ने मुझे भी टूरिज्म डे की तैयारियों में खूब सजाया। अरे यह तो उन्हें कर ना ही था आखिर साल में दो बार ही तो आपकी स्मार्ट सिटी चमक पाती है।

पहले सूरजकुंड के समय पर और दूसरी बार हरियाणा टूरिज्म डे के दौरान मुझे रगड़ रगड़ कर चमकाया जाता है। मेरे प्रांगण में मौजूद सभी पर्यटन स्थल किस हाल में हैं मैं आज उस सच से पर्दा उठाऊंगा। मेरी आन बान शान कहे जाने वाले सूरज कुंड की दास्तान सुनाता हूँ आपको। आप में से कम ही लोग जानते हैं कि कुंड में वर्ष 2002 तक पानी भरा हुआ था।

मेरी धरोहर हो रही है जर्जर, पर्यटक जाएं तो जाएं कहाँ ? : मैं हूँ फरीदाबाद

चारों ओर हरियाली ही हरयाली थी पर आज वही हरा भरा सूरज कुंड जर्जर अवस्था में है और जीर्णोद्धार की मांग कर रहा है। मेला हर साल लगता है और सफाई भी उसी दौरान करवाई जाती है। आज सूरज कुंड का पानी सुख चुका है और अब वहाँ जलाशय के स्थान पर बड़ी बड़ी झाड़ियां उग आई हैं।

अब मैं आपको अपने बारे में एक रोचक किस्सा सुनाता हूँ। बात है उस समय की जब धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने मेरी चौखट पर कदम रखे थे। वो यहाँ पर अपनी फिल्म के गाने की शूटिंग करने आए थे। क्या हुआ चौंक गए ? बड़खल झील की खूबसूरती से वो खुदको महरूम नहीं रख पाए और झील में आकर शूटिंग की।

मेरी धरोहर हो रही है जर्जर, पर्यटक जाएं तो जाएं कहाँ ? : मैं हूँ फरीदाबाद

आज मैं आपको उसी बड़खल का सच बताता हूँ। झील के नाम पर अब वहाँ पर सिर्फ रेत बाकी रह गई है और उस रेत के किनारे जंगल बन चूका है। सरकार ने व्यवसाय की आस में बड़खल में दुकानों का भी निर्माण करवाया था पर अब उन दुकानों पर ताला लग चुका। बड़खल के जिस बोटिंग पोइंट पर पर्यटक नौका विहार का लुत्फ़ उठाते थे आज उस स्थल पर काई जम गई है। उस गंदे पानी में लोग पॉलिथिन व अन्य कचरा भी फेंक कर चले जाते है। न जाने कितने वर्षों से झील में साफ पानी के वितरण की बात की जा रही है पर अभी तक उस क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं लाया गया है।

आपको जानकार हैरानी होगी की मैगपाई रिसॉर्ट भी हरयाणा के पर्यटक स्थलों में से एक है। जिस तरीके से मैगपाई की गिनती एक 3 सितारा होटल में भी नहीं होती यह सरकार के मुख पर एक ज़ोरदार तमाचा है। ऐसा नहीं है कि मेरे प्रांगण में सभी पर्यटन स्थल जर्जर अवस्था में हैं। अगर मेरी जनता घूमना चाहती है तो वह बल्लभगढ़ में मौजूद राजा नाहर सिंह पैलेस की ओर कूच कर सकती है।

मेरी धरोहर हो रही है जर्जर, पर्यटक जाएं तो जाएं कहाँ ? : मैं हूँ फरीदाबाद

पर आज मैं सरकार और जनता से एक दरख्वास्त करना चाहता हूँ। मैं अपनी बहुत सी झीलें, पहाड़ और पर्यटन स्थल खो चुका हूँ। मेरे पास मेरा कहने के लिए यही गिनी चुनी जगह बची हैं अगर ये भी विलुप्त हो गई तो शायद आपका ये फरीदाबाद अपना अस्तित्व खो बैठेगा।

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