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बाहर बैठकर काम करने को मजबूर हुई जिले की शिक्षाधिकारी : मैं हूँ फरीदाबाद

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नमस्कार! मैं हूँ फरीदाबाद। आज आपको जिले के शिक्षा विभाग का ब्योरा देने के लिए हाजिर हुआ हूँ। जिस स्मार्ट सिटी में लोगों ने जगह जगह अतिक्रमण किया हुआ है उस शहर के शिक्षा विभाग के पास जगह की कमी पड़ गई है।

विभाग अधिकारी इतने परेशान हैं कि अपने प्रांगण में वह एक व्यक्ति को बैठाने में नाकाम हो रहे हैं। अब आपको कल की ही बात बताता हूँ कल क्षेत्र के शिक्षा विभाग में शिक्षाधिकारी को ही बैठने की जगह नहीं मिली।

बाहर बैठकर काम करने को मजबूर हुई जिले की शिक्षाधिकारी : मैं हूँ फरीदाबाद

शिक्षा अधिकारी का नाम है अनीता शर्मा। पर हैरान करने वाली बात तो यह है कि अनीता ने जगह न मिल पाने से अपने काम पर कोई प्रभाव नहीं डाला। वह चुपचाप शिक्षा विभाग के प्रांगण से बाहर आकर पेड़ की छाँव में अपना काम करने लगी। अनीता द्वारा लिया गया यह कदम शिक्षा विभाग के मुँह पर एक जोरदार तमांचा है।

बाहर बैठकर काम करने को मजबूर हुई जिले की शिक्षाधिकारी : मैं हूँ फरीदाबाद

आपको एक कड़वा सच बताता हूँ अनीता के साथ यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी उन्हें शिक्षा विभाग कार्यालय में बैठने के लिए जगह की किल्लत का सामना करना पड़ा है। ऐसे में जब अनीता ने शिक्षा विभाग में शिकायत की और काम करने की मांग की उसके बावजूद उन्हें कार्य करने के लिए जगह नहीं मिल पाई।

शिक्षा अधिकारी का कहना है कि विजिलेंस जांच के लिए अधिकारी आए हुए हैं जो 2003 और 2004 के रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षाधिकारी को बैठने के लिए जगह नहीं पाई। जब उन्होंने दुसरे कमरे में काम करने की मांग की तो उन्हें जगह का अभाव बताते हुए कमरा देने से मना करदिया गया,अब शिक्षा विभाग के एक बड़े अफसर ने बयान दिया है।

बाहर बैठकर काम करने को मजबूर हुई जिले की शिक्षाधिकारी : मैं हूँ फरीदाबाद

उन्होंने बताया कि अनीता की बातों में सच्चाई नहीं है। अधिकारी का कहना है कि जल्द ही रिकॉर्ड रूम खाली करवा कर उस कमरे को काम करने के लिए दे दिया जाएगा। अब सवाल है कि शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है ? जब क्षेत्र के एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को काम करने के लिए जगह नहीं दी जाएगी ऐसे में इस क्षेत्र का विकास कैसे होगा ?

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