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कोरोना की जंग लड़ रहें योद्धाओं को सराहा तो जा सकता है, लेकिन कर्ज नहीं चुका सकता देश : मेयर सुमन वाला

एक लिहाजे से देखा जाए तो कोरोना वायरस ने देश की छवि को पलट कर रख दिया है। फरीदाबाद जिले में भी बदलाव आएगा लेकिन इस तरह सबकी सोच से परे था। उक्त कथन फरीदाबाद की मेयर सुमन बाला ने फोन पर हुए साक्षात्कार में कहें।

उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में कार्य की गति थम की गई है। लेकिन बावजूद इसके गनीमत है कि परिस्थिति इतनी अनुकूल है कि अभी तक कोरोना वायरस ने किसी की जान नहीं ली। इसका पूरा श्रेय हमारे स्वास्थ्य विभाग को जाता है।

उन्होंने कहा कि आज हम अपने घरों में सुरक्षित है तो इसमें आमजन की लोक डाउन को गहनता से सोचने समझने की ललक है जो फरीदाबाद की जनता ने इस विषय को गंभीरता से समझा और लॉक डाउन के निर्देशों को भलीभांति परिचित होते हुए इसका पूरी निष्ठा से पालन किया।

कोरोना की जंग लड़ रहें योद्धाओं को सराहा तो जा सकता है, लेकिन कर्ज नहीं चुका सकता देश : मेयर सुमन वाला
कोरोना की जंग लड़ रहें योद्धाओं को सराहा तो जा सकता है, लेकिन कर्ज नहीं चुका सकता देश : मेयर सुमन वाला

उन्होंने कहा चाहे कोई भी वर्ग हो अमीर हो या गरीब वर्ग कोरोना वायरस ने सबको समानता का पाठ पढ़ाने में बखूबी भूमिका अदा की है। क्योंकि आज के समय हर वर्ग सरकार के निर्देशों को भलीभांति जानते हुए सोशल डिस्टेंस और फैस मास्क को बढ़ावा दे रहा है, जो बहुत जरूरी भी था।

उन्होंने कहा कोरोना वायरस में योद्धाओं की तरह खड़े होकर देश और अपने समाज को महफूज़ रखने में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, निगम पालिका को या फिर मीडिया ने अपने आवरण चित्र से जनता को एकजुट करने में जीजान लगा दी।

उन्होंने कहा आज इसी का परिणाम ने कोरोना का ग्राफ तेज़ी से बढ़ रहा था अब वही नीचे गिरते देखा जा सकता है। अब फरीदाबाद में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 7 हो चुकी है जो पहले 46 तक पहुंच चुकी थी। उन्होंने कहा यह खबर फरीदाबाद वासियों के लिए राहत भरी है।

कोरोना की जंग लड़ रहें योद्धाओं को सराहा तो जा सकता है, लेकिन कर्ज नहीं चुका सकता देश : मेयर सुमन वाला
कोरोना की जंग लड़ रहें योद्धाओं को सराहा तो जा सकता है, लेकिन कर्ज नहीं चुका सकता देश : मेयर सुमन वाला

उन्होंने कहा इस लड़ाई में अपनी जान जोखिम में डालने वाले सभी योद्धाओं को वो शीश झुकाकर नमन करती है। उनके कार्यों को सराहा तो जा सकता है लेकिन इसका कर्जा नहीं उतरा जा सकता।

उन्होंने घर में रहने वाली उन गृहणियों का जिक्र करते उनके कार्यों को भी सराहा जो दिन रात एक कर अपने परिजनों की लालसाओं को पूरा करने में आत्मसमर्पण है। उन्होंने बताया कि छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों को शिक्षित करने का प्रयास भी सटीक है।उन्होंने कहा इसलिए छात्रों को भी जरूरत है की श स्कूल की ताल से ताल मिलाकर मतलब कि अपने अध्यापकों की सहायता से अपनी शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।

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