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बिजली के झटकों ने मचाया त्राहिमाम एक एक कर ले रहे हैं क्षेत्रवासियों की जान : मैं हूँ फरीदाबाद

नमस्कार! मैं हूँ फरीदाबाद आज मैं आपको कुछ याद दिलाने आया हूँ। यह वारदातें बीते 2 माह की है और दोनों में एक समानता है जो है बिजली की तारें। आपको याद होगा कि कैसे मेरे प्रांगण में इन बिजली की तारों ने कोहराम मचाते हुए 2 मासूमों की जान ले ली थी।

2 परिवारों को उजाड़ कर रख दिया था इन बिजली की तारों ने और कैसे 2 हस्ते खेलते लोगों की जान चली गई थी। अब इस मौत की फेहरिस्त में एक और नाम जुड़ गया है और इस बार भी एक मासूम के सपनों को इन बिजली के झटकों ने तार तार करने में समय नहीं लगाया।

कल मेरे प्रांगण में एक ऐसी घटना हुई जिसने मुझे तोड़ रख दिया। कल मेरे क्षेत्र में एक बेटी को बिजली की इन तारों ने अपनी चपेट में ले लिया और मौके पर ही उसकी जान ले ली। अपने छज्जे पर कम्बल सुखाने के लिए चढ़ी वो बेटी अब कभी भी वापस नहीं आ पाएगी। न वो अपनी बहन से मिल पाएगी ना ही अपनी चाची को गले लगा पाएगी।

मैं अब उस मासूम की मौत का कारण नहीं बताऊंगा पर आप सबको उसके सपनों के बारे में बताता हूँ। उस बच्ची का सपना था कि पढ़ लिख कर सीए बने और अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाले। उस बिटिया के चाची चाचा उसकी जान थे जो उसे चाय बेचकर पढ़ाई करवा रहे थे।

अब उस बेटी को खोने के बाद दोनों भारी मन लेकर रो रहे हैं। क्रंदन कर रहे हैं क्यों कि अब कभी भी उनकी लाडो उन्हें वापस नहीं मिल पाएगी। पर मेरा सवाल तो उस प्रशासन से है जो हर घटना के बाद मूक हो जाता है। बिजली निगम तो अपना पल्ला झाड़ने के लिए अब लोगों के छज्जों को दोष दे रहा है पर उसके अतिरिक्त बिजली विभाग ने क्या कदम उठाए हैं ?

शहर में जगह जगह लगे बिजली के खम्बों पर तारों का जंजाल बिछा हुआ है। आधी तारों में से रबर गायब है और यह तारें नंगी लटक रही हैं ऐसे में करंट के झटके लगना लाजमी है। खबर आई थी की बिजली निगम ने लोगों को अपने घरों के छज्जे पीछे हटाने के लिए नोटिस जारी किये हैं।

पर सवाल यह है कि कब तक कार्य प्रणाली की लापरवाही का खामियाज़ा आम जनता को भुगतना पड़ेगा ? कितने और लोग अपनी जान गवाएंगे ? प्रशासन को जागना ही होगा अन्यथा बिजली के यह झटके पूरे क्षेत्र को झुलसा देंगे।

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