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रिमांड पर लिया जाएगा तौसिफ, प्रोडक्शन वारंट को मिली मंजूरी : निकिता हत्याकांड

निकिता हत्याकांड में पुलिस प्रशासन और जांच समिति की तहकीकात ने जोर पकड़ रखा है। साल 2018 में दर्ज हुए निकिता तोमर अपहरण मामले की जांच सिलसिले में एसआईटी ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी तौसिफ को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रोडक्शन वारंट लगाया। अदालत ने वारंट मंजूर कर लिया है।

अब अदालत 23 नवंबर को इस मामले की सुनवाई करेगी। निकिता तोमर की हत्या से पहले मुख्य आरोपी तौसिफ ने 2018 में उसे अगवा किया था। शहर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

बाद में इस मामले में समझौता हो गया था। इस वजह से आरोपी पर अदालत मुकदमा नहीं चल पाया था। बताया जा रहा है कि पीड़िता का परिवार तौसिफ के परिवार से भयभीत था। उनका कहना है कि तौसिफ के परिवार के लिंक कांग्रेस पार्टी के साथ काफी अच्छे थे जिसके चलते उन्होंने अपहरण केस को वापस ले लिया था।

मृतक के परिजनों का आरोप है की राजनीतिक रसूख की वजह से मजबूरी में उन्हें आरोपी से समझौता करना पड़ा था। इसके बाद पुलिस विभाग ने इस मामले में दोबारा जांच करने का निर्णय लिया है। ताकि पता चल सके कि किस वजह से इस मामले में समझौता हुआ था ? इसी मामले मे प्रोडक्शन वारंट लगाया गया।

आपको बता दें कि निकिता तोमर हत्याकांड में प्रशासन द्वारा प्रखर रूप से कार्रवाई की जा रही है। मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रणाली और जांच समिति पूरे मामले की तय तक जांच कर रहे हैं।

आपको बता दें कि निकिता मामले में दायर हुई चार्ज शीट कुल 700 पन्नों की है। इसमें 60 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और रिपोर्ट को तैयार किया गया है। इन गवाहों की फेहरिस्त में निकिता के परिवार जनों के अलावा फॉरेंसिक डिपार्टमेंट और चिकित्सक भी शामिल हैं। पर 2018 में हुए अपहरण मामले की जांच को इस चार्ज शीट से अलग रखा गया और इसकी जांच भी अलग से की जा रही है।

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