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धीरे धीरे गिर रही है छत, घायल हो रहे हैं अधिकारी और सुस्त बैठा है प्रशासन : मैं हूँ फरीदाबाद

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नमस्कार! मैं हूँ फरीदाबाद जहां कि सड़कों के साथ साथ सरकारी भवन भी जर्जर हैं। क्या हुआ ? आपको क्या लगता है कि प्रशासन द्वारा सिर्फ सामाजिक स्थलों और सड़कों के निर्माण में ही लापरवाही बरत रहा है ? अरे अगर आप इस सोच के साथ जी रहे हैं तो आप गलत फहमी का शिकार हुए पड़े हैं।

आज आपको छांयसा में मौजूद कृषि सहकारी समिति की हालत का ब्यौरा देता हूँ। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि इस भवन में काम करने वाले अधिकारी इस जगह की जर्जर हालत से काफी परेशान हैं। भवन का प्लास्टर झड़ रहा है जो कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। अरे 50 साल पुराना भवन है तो ये सब होना लाजमी है।

धीरे धीरे गिर रही है छत, घायल हो रहे हैं अधिकारी और सुस्त बैठा है प्रशासन : मैं हूँ फरीदाबाद

पर प्रशासन के इतने सुस्त होने की उम्मीद नहीं थी मुझे। सरकारी दफ्तरों हे हालत काफी नाजुक हैं कहीं खिड़कियाँ टूटी हुई हैं तो कहीं पर छत नीचे गिर रही है। बात की जाए कृषि सहकारी समिति कार्यालय की तो हालात इतने गंभीर हैं कि यहां गोदाम में रखा खाद भी खराब हो जाता है।

धीरे धीरे गिर रही है छत, घायल हो रहे हैं अधिकारी और सुस्त बैठा है प्रशासन : मैं हूँ फरीदाबाद

काम करने वाले अधिकारी चोटिल हो जाते हैं जब प्लास्टर नीचे गिरता है। अब सोचने वाली बात यह हैं कि कार्य प्रणाली आखिर कर क्या रही है ? यही सबसे बड़ा सवाल है जो प्रशासन के कार्यभार को तार तार कर रहा है। अभी तक भवन को लेकर न तो कोई समिति का प्रबंधन चिंतित है और ना ही विभागीय अधिकारी।

धीरे धीरे गिर रही है छत, घायल हो रहे हैं अधिकारी और सुस्त बैठा है प्रशासन : मैं हूँ फरीदाबाद

पर मेरे प्रांगण में मौजूद अमूमन हर सरकारी दफ्तर का यही हाल है। निर्माण के नाम पर डब्बा गोल रहता है और विकास के नाम पर सन्नाटा। क्षेत्र के कई सरकारी दफ्तरों में तो शौचालय तक दयनीय अवस्था में हैं। जरूरी है कि यह सोचा जाए कि जब क्षेत्र में विकास की बात हो तो हर पहलु को ध्यान में रखा जाए।

कार्य प्रणाली द्वारा हमेशा ही नवीनीकरण के कार्यों में विलम्भ किया जाता है ऐसे में जरूरी है कि आला कदम उठाए जाएं। मेरे क्षेत्र की सड़कों के साथ साथ अब सरकारी कार्यालय भी भुरी हालत में हैं। आवाम तो इतने समय से परेशानियां झेल ही रही थी पर अब तो कर्मचारी भी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

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