जिले में लंबे समय से बदहाल पड़ी दो प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। 4.53 करोड़ रुपये की इस परियोजना को प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है और अब केवल टेंडर की प्रक्रिया बाकी रह गई है। नगर परिषद...
जिले में लंबे समय से बदहाल पड़ी दो प्रमुख सड़कों के पुनर्निर्माण को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। 4.53 करोड़ रुपये की इस परियोजना को प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है और अब केवल टेंडर की प्रक्रिया बाकी रह गई है। नगर परिषद...
सर्वोदय हॉस्पिटल, फरीदाबाद में सिगरौली मध्यप्रदेश की रहने वाली 85 वर्षीय शारदा देवी अपने दोनों घुटनों के ऑपरेशन के महज 4 घंटे बाद ही सहारे के साथ अपने पैरों पर चली।
उनके दायें पैर के फ्रेक्चर के ऑपरेशन के साथ साथ ही उनके दोनों घुटनों का सफल प्रत्यारोपण किया गया और ऑपरेशन के चंद घंटों के बाद ही मरीज इतना आराम आ गया की वह सहारे के साथ चलना शुरू करने लगी जिसका श्रेय सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद के जोड़ प्रत्यारोपण विभाग के एच.ओ.डी एंड डायरेक्टर डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी को जाता है।
ज्ञात हो कि शारदा देवी घुटनों में दर्द की परेशानी से कई सालों से पीड़ित थी और उनका चलना फिरना बहुत कम हो गया था जिसके कारण उनकी हड्डियाँ बहुत कमजोर हो गयी थी।उनकी परेशानी तब और भी अधिक बढ़ गयी जब घर पर उनके पैर फिसलने से उनके पैर की हड्डी में फ्रेक्चर आ गया।जब मरीज हॉस्पिटल में आयी तो वह पूरी तरह बेड तक रहने के लिए सिमित थी।
जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के डायरेक्टर डॉ सुजॉय भट्टाचार्जी ने बताया " कि सामान्यतया इस प्रकार की अवस्था में मरीज की पहले फ्रेक्चर की सर्जरी की जाती और जब वह सही हो जाता तब कुछ महीनों के बाद उसके घुटनों की सर्जरी की जाती है।
मरीज की आयु अधिक होने के कारण उनके दोनों घुटनों की सर्जरी के बीच भी कुछ महीनों का अंतराल रखा जाता है ।परन्तु यह ऑपरेशन हमने 3डी कंप्यूटर नेविगेशन तकनीक से किया जिसके दौरान मरीज के फ्रेक्चर को सही किया और उसके दोनों घुटनों के घिसे हुए हिस्से को निकलकर वहां सटीकता से नया कृत्रिम घुटना प्रत्यारोपित कर दिया गया।ऑपरेशन के दौरान न्यूनतम रक्तस्त्राव और टाँके रहित प्रक्रिया का सहारा लिया गया।
सर्वोदय हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. राकेश गुप्ता ने डॉ. सुजॉय भट्टाचार्जी को सफल ऑपरेशन की बधाई देते हुए बताया कि "हम चाहते है कि हम समाज को बेहतरीन ईलाज रियायती दरों पर उपलब्ध करवा सकें इसलिए हम आधुनिक मेडिकल तकनीक के साथ अनुभवी डॉक्टरों को अपने हॉस्पिटल का हिस्सा बना रहे है। इस प्रकार के ऑपरेशन का सफल होना हमें हमारे विजन का सार्थक होना दर्शाता है।