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सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सीबीआई करेगी जांच

सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंप दी है। पटना कोर्ट की एफआईआर को SC ने सही पाया है। कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार जांच की सिफारिश करने में सक्षम है। कोर्ट ने ये भी माना कि मुंबई पुलिस ने जांच नहीं की।

महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देना चाहती है। कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस ने जांच नहीं बल्कि सिर्फ इन्कवॉयरी की है। सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला पूरी तरह से CBI को सौंप दिया है।

कोर्ट ने साफ कहा कि आगे कोई भी एफआईआर इस मामले में दर्ज हुई तो, सीबीआई देखेगी। कोर्ट ने माना कि बिहार सरकार की सीबीआई की सिफारिश सही है। कोर्ट ने 35 पन्नों का जजमेंट दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई न सिर्फ पटना के एफआईआर मामले की जांच के लिए सक्षम है बल्कि आगे भी कोई केस दर्ज होता है इस मामले में तो वह सीबीआई देखेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बिहार सरकार को इस बात का अखितायार है

कि वह सुशांत के पिता की शिकायत पर दर्ज केस को सीबीआई को रेफर करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस सीबीआई को सहयोग करे क्योंकि अब सीबीआई जांच का आदेश सुप्रीम कोर्ट का है।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगे थे सभी पक्षों के जवाब

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच का अधिकार किसे है, इसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब मांगे थे। बिहार सरकार, रिया चक्रवर्ती और सुशांत की फैमिली की तरफ से लिखित जवाब सुप्रीम कोर्ट में दिए गए थे।

वहीं सीबीआई की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में लिखित जवाब दिया गया था। जवाब में कहा है कि कोर्ट को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपनी जांच जारी रखने देना चाहिए।

SC में रिया चक्रवर्ती की ओर की दलील

घटना मुंबई की है और जूरिस्डिक्शन भी महाराष्ट्र पुलिस की बनती है। लेकिन बिहार पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पटना में घटना नहीं हुई। रिया के खिलाफ पॉलिटिकल फोर्स का इस्तेमाल किया गया है।

मामले को राजनीतिक अजेंडा की तरह इस्तेमाल किया गया ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। मामले में पटना पुलिस का जूरिडिक्शन नहीं बनता है केस मुंबई ट्रांसफर होना चाहिए।

रिया ने खुद सीबीआई जांच की मांग की थी।


मुंबई पुलिस ने 56 लोगों का बयान दर्ज किया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की। महाराष्ट्र में पुलिस पर राजनीतिक दबाव है। राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो रही। बिहार पुलिस के एसपी को वहां क्वारंटीन किया गया।

महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी


बिहार सरकार का मामले में जूरिस्डिक्शन नहीं है। ये संघीय ढांचे का सवाल है। घटना मुंबई में हुआ है। कानून का सिर मरोड़ दिया गया। सीआरपीसी का मर्डर किया जा रहा है। बिहार में चुनाव है और चुनाव के बाद कोई इस केस को नहीं देखेगा।

सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह


विकास सिंह ने कहा कि हम फेयर जांच चाहते हैं। हम मुंबई पुलिस पर विश्वास नहीं कर सकते। रिया ने पूरा कंट्रोल कर रखा था लेकिन मुंबई पुलिस ने उस मामले में छानबीन नहीं की है। सुशांत की मौत हो गई। जब उसका दरवाजा खोला गया तो सुशांत की बहन वहां 10 मिनट में पहुंचने वाली थी लेकिन उसका इंतजार नहीं किया गया और नहीं देख पाए कि क्या वह पंखे से लटका हुआ था?

केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता

मुंबई पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए 56 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। बिना कानून का पालन किए ये सब मुंबई पुलिस कर रही है। बिहार में केस दर्ज हुआ है। ये केस सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की गई और फिर केस दर्ज किया गया।

रिया पर लगे हैं ये आरोप

सुशांत के पिता की तरफ से दर्ज एफआईआर में रिया के ऊपर सुशांत को परेशान करने, उसके करोड़ों रुपए रुपयों का गबन करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई से पहले ही बिहार सरकार ने केस सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर दी. इसे केंद्र सरकार ने मान लिया था.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को बड़ा झटका लगा है.

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