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हाथों की मेहंदी उतरी नहीं और पति हो गया शहीद, रोते रोते देश के वीर जवान को अलविदा

हाथों की मेहंदी उतरी नहीं और पति हो गया शहीद, रोते रोते देश के वीर जवान को अलविदा :- भारत के लोग अपने देश के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते है , भारत देश का बच्चा बच्चा अपने वतन हिंदुस्तान को दिल से चाहता है ।अधिकतर युवाओं का सपना देश के सुरक्षा बल में शामिल होने का होता है

सिर्फ यही नहीं देश की आन बान और शान के लिए भारतीय नौजवान दुश्मनों के साथ मरने मारने का खेल खेलने से तनिक भी देरी नहीं करते . इसीलिए आज भारत देश उन देशों में से एक है जिनके पास विशालकाय सेना है ।

हाथों की मेहंदी उतरी नहीं और पति हो गया शहीद, रोते रोते देश के वीर जवान को अलविदा :- भारत के लोग अपने देश के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते है

लेकिन जब एक नौजवान देश को अपने प्राण समर्पित कर देता है तो उसके परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट जाता है लेकिन फिर भी उनका मनोबल नहीं टूटता, क्योंकि शहीद के साथ साथ परिवार वालो पर भी देश भक्ति का रंग चढ जाता है , जो उनके मनोबल को नहीं टूटने देता ।

ड्यूटी निभाते हुए हुआ नौसेना का जवान शहीद

भारतीय नौ सेना के जवान गौरव दत्त शर्मा को उनके पैतृक गांव में अंतिम विदाई की गई। 19 मई को गौरव दत्त शर्मा की मौत एक हादसे में हो गई थी।  जहाज में आई एक खराबी को दूर करने के दौरान ये शहीद हो गए थे।

गौरव शर्मा की हाल ही में शादी हुई थी और इनके मौत के गम से इनकी पत्नी अभी तक उभर नहीं पाई हैं। झज्जर के निवासी गौरव शर्मा भारतीय नेवी में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात थे और ये कबलाना गांव के रहने वाले थे।

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सोमवार को तिरंगे में लिपटकर शहीद पार्थिव शरीर इनके पार्थिव शरीर को लाया गाय । इस दौरान इनके परिवार और गांव के लोग मौजूद थे।

पति हो गया शहीद

मौके पर जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम शिखा और झज्जर की विधायक गीता भुक्कल भी मौजूद थे और इन्होंने गौरव को पुष्प अर्पित किए। वहीं सोमवार शाम को सैनिक सम्मान के साथ इनकाे अंतिम विदाई दी गई।

समुद्री लुटेरों से जहाज को बचा लिया ,लेकिन किस्मत ने हरा दिया

पति हो गया शहीद

पति हो गया शहीद – गौरव ने 8 वर्ष पहले इंडियन नेवी को ज्वाइंन किया था और ये खतरनाक समुद्री इलाके सोमालिया में तैनात थे। जिस जहाज में ये थे उसमें 19 मई को ये पेट्रोलिंग कर रहे थे।

पेट्रोलिंग करते हुए इंजन में खराबी आ गई थी। इस तकनीकी खराबी को दूर करने की इन्होंने खूब कोशिश की। वहीं जब ऑटोमेटिक तरीके से इंजन शुरू नहीं हुआ, तब गौरव ने मेन्युअली तौर पर इंजन को चलाने की कोशिश की और इस दौरान इंजन का एक पार्ट प्रेशर के साथ निकल गया और गौरव की जान चली गई।

दरअसल समुद्री लुटेरों से समुद्री जहाजों को बचाने के लिए ये अपनी टीम के साथ आईएनएस सुमेधा जहाज लेकर मालद्वीप गए थे। वहीं 19 मई को जब मालद्वीप से जहाज वापस आ रहा था। उस दौरान जहाज में तकनीकी खराबी आ गई थी। जिसे सही करते समय गौरव शहीद हो गए थे।

वेलेंटाइन डे के दिन बाद हुई शादी ।

गौरव शर्मा की शादी इस साल 16 फरवरी को हुई थी शादी थी। इनकी शादी झज्जर जिले के गांव धारौली की पूनम के साथ हुई थी। वहीं 10 मार्च को गौरव ने अपनी ड्यूटी को ज्वाइंन किया था। कुछ महीने पहले ही गौरव के घर में शादी की शहनाई बजी थी और अब इस घर में मातम छाया हुआ है।

गौरव शर्मा के परिवार में इनका छोटा भाई राहुल दत्त, बहन निशा,पत्नी पूनम और माता पिता हैं। इनका भाई रेलवे में नौकरी करता है। जबकि बहन निशा की शादी हो चुकी है।

पति हो गया शहीद – नारों की हुंकार से हुई अंतिम विदाई

पति हो गया शहीद

गौरव दत्त शर्मा के पार्थिव शरीर को जब उनकी गांव में लगाया गया, तब गांव वालों ने भारत माता की जय और शहीद गौरव अमर रहे के नारे लगाते हुए इनके पार्थिव देह को घर तक ले जाया गया।

जहां पर इनकी पत्नी पूनम ने अपने पति गौरव के अंतिम दर्शन किए।पति के शव को तिरंगे में लिपटा देख पत्नी फूट फूट कर रोने लगी , इस दृश्य को देखने के बाद शायद ही कोई हिन्दू होगा जिसकी आंखों में आसूं या दिल में दर्द महसूस ना हुआ हो ।

हम ये भी दावे के साथ के सकते है कि हमारा जो भी पाठक इस समय इसे पढ़ रहा है उसके दिल में इस नौजवान के लिए भाव पूर्ण ऊर्जा निकल रही होगी । लेकिन हम आपको बता दें कि देश की सुरक्षा करने वाला हर एक नौजवान हमारे लिए बेहद प्रिय है ।

हमे देश के रक्षकों का सदैव सम्मान करना चाहिए और अपने बच्चों को भी सीख सिखानी चाहिए । यदि आप भी देश के वीर सपूतों को और भी वीर गाथाएं जानना चाहते है तो हमारे साथ जुड़े ।

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