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हरियाणा- यूपी से खींचतान के बीच केजरीवाल ने किया 1 हफ्ते के लिये दिल्ली बॉर्डर्स को सील

कोरोना वायरस का संक्रमण कितना ख़तरनाक है इसका अंदाजा तो दिन प्रतिदिन चरम सीमा पर तनाव ग्रस्त करते आंकड़े देखने से लग जाएगा। हर व्यक्ति से लेकर हर राज्य यही चाहता है कि यह संक्रमण उन तक या उनके राज्यों तक ना पहुंचे। इसी को लेकरदिल्ली, हरियाणा तथा यूपी में बॉर्डर्स सील करने का दौर जारी है।

उक्त सभी राज्य सरकारों का कहना है कि वह अपने राज्यों को संक्रमण से बचाने में कामयाब तभी होंगे जब अन्य राज्यों से संक्रमित और संक्रमण को अपने राज्यों में आने के रोका जाएगा। यही कारण है यूपी सरकार ने नोएडा व गाजियाबाद के बार्डर खोलने से इंकार कर दिया था। वहीं हरियाणा सरकार द्वारा भी दिल्ली से लगते सभी सीमाओं को सील करने के आदेश दिए थे

इस आदेश के मुताबिक किसी भी हरियाणा वासी को दिल्ली सीमा लांघने की अनुमति नहीं थी और ना ही दिल्ली से किसी भी व्यक्ति को हरियाणा में प्रवेश करने की इजाजत। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट के दखल देने के बाद हरियाणा सरकार को अपने यह फैसला वापस लेना पड़ा और हरियाणा सरकार ने ई पास बॉर्डर से आवागमन की अनुमति देने का निर्णय लिया था।

अब इसी खींचतान को देख दिल्ली सरकार ने फैसला लेते हुए सोमवार को करीब 12 बजे से हरियाणा व यूपी के साथ लगते अपने सभी बार्डर बंद करने के फरमान जारी कर दिए हैं। दिल्ली सरकार के इस निर्णय से यूपी व हरियाणा बार्डर पर भारी भीड़ जमा हो गई है, वाहनों का जाम लग गया है और लोग कई कई घंटे से जाम में फंसे हैं।

फरीदाबाद के डीएम यशपाल यादव ने उक्त विषय पर कहा कि बार्डर खोलने या बंद रखने के बारे में शीघ्र ही जानकारी दी जाएगी। दिल्ली और एनसीआर के सेटेलाइट टाउन फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, नोएडा और गाजियाबाद के मध्य आर्थिक और सामाजिक गुंथन है।

दिल्ली और एनसीआर के शहरों का एक दूसरे के बिना गुजारा नहीं है। कोरोना की मजबूरी के चलते सरकारों ने बार्डर सील किए हैं। हालांकि बार्डर सील होने से आर्थिक, व्यापारिक और सामाजिक गतिवधियां पूरी तरह प्रभावित हैं।

फरीदाबाद से जुडे़ बदरपुर बॉर्डर पर सोमवार को भी भारी जाम रहा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अंतर प्रांतीय आवागमन खोल दिया है, किंतु केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन में राज्य सरकारों को भी अपने स्तर पर निर्णय करने अधिकार दिए हैं।

इसलिए हरियाणा और दिल्ली की सरकारोंने अपनी-अपनी तरफ से बार्डर सील किए हुए हैं। फरीदाबाद के बदरपुर बार्डर पर अभी सिर्फ उन लोगों को आवागमन की अनुमति दी जा रही है, जिन्हें वैध मूवमेंट पास मिला हुआ है

उक्त निर्णय के बाद कई लोगों ने बताया कि उन्हें फरीदाबाद बार्डर पर ना तो जाम मिला और ना ही पुलिस, वह आसानी से दिल्ली में एंट्री कर गए हैं। हालांकि फरीदाबाद पुलिस का कहना था कि उनकी ओर से बार्डर सील है और वह किसी को भी आने जाने नहीं दे रहेह हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ देर पहले ही दिल्ली सरकार ने आदेश जारी करते हुए अपने सभी बार्डर बंद करने का ऐलान कर दिया। इससे तत्काल ही सभी सीमाओं पर भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई।

आपको बता दें कि हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज फरीदाबाद, गुरूग्राम, सोनीपत व झज्जर के साथ लगते दिल्ली के बार्डर खोलने के पक्ष में नहीं थे। इसी प्रकार से डिप्टी सीएम दुष्यंत भी इस मामले में कोई नीति बनाने की बात कर रहे थे। हालांकि इन चार जिलों को छोडक़र हरियाणा के लोग किसी भी अन्य प्रदेश में आने जाने के लिए स्वतंत्र कर दिए गए हैं। हरियाणा के सभी जिले आपस में खोल दिए गए हैं। मगर दिल्ली को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जा सका। वहीं यूपी भी इस मामले को लेकर बैकफुट पर ही खड़ था।

जबकि दिल्ली सरकार ने अपने स्पष्ट फैसले के बाद पूरे देश को हैरान कर दिया। इसे लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को आलोचना का शिकार भी होना पड़ रहा है। वहीं भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी कई मामलों को लेकर विरोध जताते हुए आम आदमी सरकार के खिलाफ राजघाट पर धरना देकर बैठ गए। जहां से पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। फिलहाल दिल्ली, हरियाणा व यूपी के बार्डर बंद होने से लोग काफी परेशान हैं और सरकारें इस पर एक राय नहीं बना पा रही हैं।

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