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इस चीनी कम्पनी के बोझ तले दबा फरीदाबाद नगर निगम, लेना पड़ा लोन

फरीदाबाद नगर निगम की खस्ता हालत और जर्जर स्थिति के कारण नौबत आन पड़ी है कि फरीदाबाद नगर निगम को अपने खर्चों का भुगतान करने के लिए गुरुग्राम नगर निगम की मदद लेने की आवश्यकता आ पड़ी है।

जिसके चलते कुछ दिनों पहले सरकार के निर्देश अनुसार गुरुग्राम के नगर निगम अधिकारियों द्वारा सूचना जारी की गई की गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) फरीदाबाद में कचरा एकत्रीकरण के लिए ईको ग्रीन को लिए एक समझौते के तहत पैसे का भुगतान करेगा।

फरीदाबाद नगर निगम
फरीदाबाद नगर निगम

अधिक जानकारी देते हुए एमसीजी के अधिकारियों ने बताया कि फरीदाबाद नगर निगम को धन की कमी होने के कारण वह अप्रैल माह के लिए इकोग्रीन प्राइवेट लिमिटेड को टिपिंग शुल्क का भुगतान करने में असमर्थ है। जिस कारण हरियाणा सरकार ने एमसीजी को निर्देश दिया कि वह इसी महीने से (MCF) की ओर से इकोग्रीन को टिपिंग फीस का भुगतान करे।

अगस्त 2017 में गुरुग्राम और फरीदाबाद में कचरे के डोर-टू-डोर संग्रह के लिए MCG, MCF और हरियाणा सरकार ने इकोग्रीन के साथ एक संयुक्त समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के एक हिस्से के रूप में, दो नागरिक निकायों को मासिक आधार पर टिपिंग फीस के रूप में एकत्र किए गए प्रत्येक टन कचरे के लिए इकोग्रीन 1,000 का भुगतान करना होगा।

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इकोग्रीन अधिकारियों के अनुसार, वे हर दिन गुरुग्राम से 1,200 टन और फरीदाबाद से 900 टन कचरा इकट्ठा करते हैं। जिसके चलते एमसीएफ फरीदाबाद द्वारा अपशिष्ट संग्रह के लिए ईको ग्रीन को प्रति माह लगभग 2.5 से 3 करोड़ रुपए का भुगतान करता है और एमसीजी हर महीने 3.5 से 4 करोड़ का भुगतान करता है।

नगर निगम आयुक्त यश गर्ग ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा है कि एमसीएफ वर्तमान में एक वित्तीय संकट का सामना कर रहा है जिसके चलते राज्य सरकार ने एमसीजी को एमसीएफ की ओर से इकोग्रीन का भुगतान करने के लिए कहा है।

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भुगतान की यह राशि एमसीजी द्वारा एमसीएफ को लोन के तौर पर दी जा रही जिसका भुगतान एमसीएफ द्वारा जल्द ही एमसीजी को कर दिया जाएगा। हालांकि एमसीएफ की खराब स्थिति का कोई सटीक कारण आयुक्त यश गर्ग द्वारा नहीं दिया गया जिस वजह से फरीदाबाद नगर निगम पर आज यह स्थिति बन अाई है।

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