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दिल्ली दंगो में आप निगम पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार, अब होगी ये कार्यवाही

दिल्ली पुलिस ने उत्तरपूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में कड़कड़डूमा अदालत में दायर अपनी नई चार्जशीट में दावा किया है कि दंगो का मास्टरमाइंड आम आदमी पार्टी से निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन था।

आरोप पत्र जो 1,030 पृष्ठों में है, उसमें हुसैन, उसके भाई और 15 अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। आरोपपत्र में कहा गया है कि हुसैन ने दंगों की योजना पहले ही बना ली थी क्योंकि उसके घर के पास लगे सभी सीसीटीवी कैमरे बंद थे।

दिल्ली दंगो में आप निगम पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार
दिल्ली दंगो में आप निगम पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार

जांच के दौरान, जब क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, तो पुलिस को कुछ नहीं मिला। आरोप पत्र में यह भी कहा गया है कि जब 24 फरवरी को चांद बाग में दंगे भड़के थे और चांद बाग में 25 फरवरी को हुसैन अपने घर के अंदर मौजूद था।

उस देशद्रोही को 24 फरवरी को उसके चांद बाग स्थित घर की छत पर स्पष्ट रूप से देखा गया था और स्वैच्छिक दस्तावेज के अनुसार, उसने दंगों के लिए लोगों को उकसाने का काम किया।

चार्जशीट के अनुसार, हुसैन ने हिंसा में एक प्रमुख भूमिका निभाई और यह आरोप लगाया कि वह चांद बाग इलाके में हुए दंगों का “मास्टरमाइंड” था। जांच से पता चला है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगों का कारण गहरी साजिश थी। आम आदमी पार्टी के एक राजनेता और दिल्ली के ईडीएमसी में मौजूदा पार्षद रहे ताहिर हुसैन ने इस घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने चार्जशीट में 75 गवाहों को सूचीबद्ध किया है। ताहिर हुसैन की छत पर मिले पेट्रोल बम के स्रोत का अभी तक पता नहीं चला है, आरोप पत्र में कहा गया है कि उसके पास 100 गोला बारूद थे, जिनमें से 64 गोला बारूद और 22 गोले बरामद किए गए हैं। हुसैन ने जवाब नहीं दिया कि 22 गोले कहां इस्तेमाल किए गए थे।

ताहिर हुसैन ने 1.30 करोड़ खर्च करके दिल्ली के चांदबाद में दंगा कराया था। जनता का पैसा जनता को मारने के लिए जमा किया गया था। जब दंगों के तुरंत बाद आईएएनएस ने ताहिर के घर का दौरा किया, तो उसमें कई पेट्रोल बम की बोतलें, एसिड पाउच और छत पर और अंदर बिखरे पत्थर थे।

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घर की दूसरी मंजिल पर, समान संख्या में पेट्रोल बम के साथ 10 से 15 पाउच एसिड पाए गए थे। यहां तक कि चार मंजिला इमारत की छत पर कई पेट्रोल बम पाए गए, जो कि एक गुलेल के साथ थे, जिसका इस्तेमाल आसपास के घरों पर पेट्रोल बम और पत्थर चलाने के लिए किया गया था।

दंगों से पहले देशद्रोही ताहिर हुसैन ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरकिता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल लोगों से बातचीत की थी। इस बीच उसने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और खालिद सैफी से भी बात की थी। 

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हालांकि पुलिस ने इस चार्जशीट में उमर खालिद को आरोपी नहीं बनाया है और कहा कि उमर खालिद के साथ मीटिंग का मकसद अभी पता नहीं लगा है।
Written By – Om Sethi

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